What is Ghantakarna Gutika?
Ghantakarna Gutika (घंटाकर्ण गुटिका) is a very powerful gutika. It is mainly related to the tantric traditions of Jainism, Hinduism and Buddhism. Ghantakarna Gutika is also known as Shri Mahavir Ghantakarna Gutika. This gutika is a gutika energized by Ghantakarna mantras. This Ghantakarna gutika is used especially in Ghantakarna Sadhna and Ghantakarna Prayog. Wearing this, protects from Epidemics, Fire, Attack, Enemies, Tantric obstacles, Ghosts etc.
This is a very effective gutika, by using and wearing which, the sadhak gets good health, wealth, sudden financial gain, spiritual progress, protection from negativity and all enemies. Ghantakarna deity provides progress to the sadhak in both physical and spiritual fields. If your business is not running well, you are losing money repeatedly, people are not returning your money, you are not getting success in your work.
In addition, you are not getting a job, you are failing in exams repeatedly, you are not able to pass interviews. Further the atmosphere of your house remains negative, then in such a situation this Ghantakarna Gutika is very beneficial. As soon as you wear this Ghantakarna Gutika, all these problems start going away in 27 days.
Who is Ghantakarna Mahavir?
Ghantakarna Mahavir is one of the fifty-two heroes of Shvetambara Jainism, who are mainly associated with Tapa Gachchh, a monastic lineage. He is considered to be the tantric deity of Jainism. The Mahudi Jain temple established in India in the nineteenth century by Jain monk Buddhisagar Suri is considered to be dedicated to Ghantakarna Mahavir.
How to Energized Ghantakarna Gutika?
Ghantakarna Gutika is energized by chanting Shri Ghantakarna Mantras on Baishakh Purnima, Siddhi Yog, Ravi Yog, Amrit Yog, Mahendrakal, which is a complex ritual. Generally, it is not possible to do it through the Pandits of today. Only high skilled sadhaks can perform this ritual. On being energized, this Ghantakarna Gutika becomes fully effective.
The Energized Ghantakarna Gutika can be received from Astro Mantra Institution through fast delivery and can be used directly. This Gutika can be used in Ghantakarna Sadhna, Ghantakarna Prayog, Ghantakarna Tantra etc. If you do not have complete knowledge of any Sadhana, then you can use this Gutika by the method given below.
How to wear Ghantakarna Gutika?
On Navratri, Holi, Shivratri, eclipse or any Tuesday, after taking bath etc., sit on a white woolen asana between 7:30 am to 10 am facing east or the direction in which your temple is facing. Place an idol or picture of Shri Ghantakarna Mahavir Ji on a white cloth in the temple. Write “Shri Mahaveeraya” with vermilion in a plate in front of the idol. Place Ghantakarna Gutika on the written mantra and on a rose flower.
Light a lamp of pure ghee in front of the Gutika and apply vermilion tilak on the Gutika. Worship Shri Ghantakarna Mahavir Ji with red flowers, rice, fruits, sweets. After worship, chant 11 rosary of Mahavir Ghantakarna mantra with Ghantakarna Rosary. After this, you can place Ghantakarna Gutika in your home, shop or office for protection or can wear it in neck. From the next day onwards, chant 3 rounds of Ghantakarna Mantra for 21 days.
Mahavir Ghantakarna Mantra:
Om shreem hreem kreem krom om ghantakarna mahavir lakshmi puraya-puraya sukh saubhagya kuru-kuru svaha.
Benefits of Ghantakarna Gutika:
- Wearing Ghantakarna Gutika protects one from the evil malefic planets.
- This Ghantakarna Gutika removes obstacles in marriage.
- By making the patient wear this Gutika, even a serious disease starts getting cured gradually.
- By keeping this Ghantakarna Gutika in the house, negativity is removed from the house.
- By wearing Ghantakarna Gutika and reciting Ghantakarna Mahavir Stotra, one gets freedom from enemies.
- Whoever has this Gutika, his devotion towards Shri Mahavir Ghantakarna Ji increases.
- The Fear of ghosts ends with Ghantakarna Gutika.
- Ghantakarna Gutika is very beneficial for removing stress and anxiety.
- This Ghantakarna Gutika gives progress in business and job.
- If a student wears Ghantakarna Gutika, he concentrates on studies.
- This Ghantakarna Gutika protects from Police cases, Disputes, Court etc. If the disease is not getting cured even after taking medicines, then the patient should wear Mahakali Gutika, remove 8 black peppers from the patient every day for 27 days and burn them in an open place with camphor.
- This Ghantakarna Gutika is a sure shot remedy for victory over the enemy.
Precautions of Ghantakarna Gutika:
- Do not touch this Ghantakarna Gutika with dirty hands.
- Women should not touch this Ghantakarna Gutika during menstruation.
- Stay away from intoxication and consumption of non-vegetarian food during the worship of Ghantakarna Gutika.
- Keep or install this Ghantakarna Gutika covered in a red cloth with vermilion.
- Use such fierce powers only for the benefit of the society.
घंटाकर्ण गुटिका क्या है?
घंटाकर्ण गुटिका बहुत ही शक्तिशली गुटिका है, जिसका संबध मुख्य सम्बन्ध जैन धर्म, हिंदू धर्म और बौद्ध धर्म की तांत्रिक परंपराओं से जुड़ा हुआ है। घंटाकर्ण गुटिका को श्री महावीर घंटाकर्ण गुटिका भी कहा जाता है। यह गुटिका घंटाकर्ण मंत्रो से सिद्ध गुटिका है, इस घंटाकर्ण गुटिका का प्रयोग घंटाकर्ण साधना और घंटाकर्ण प्रयोगों में विशेष रूप से किया जाता है। इसके धारण से महामारी, आग, आक्रमण, शत्रु, तंत्र बाधा, भुत-प्रेत आदि से रक्षा होती है। यह बहुत ही प्रभावशाली गुटिका है, जिसके प्रयोग और धारण से साधक को उत्तम स्वास्थ्य धन, आकस्मिक धन लाभ, अध्यात्मिक उन्नति, नकारात्मक और सर्व शत्रुओं से रक्षा होती है।
घंटाकर्ण देवता साधक को भौतिक और अध्यात्मिक दोनों क्षेत्रौं में उन्नति प्रदान करते हैं। यदि आपका व्यापार नही चल रहा, बार-बार धन का नुकसान हो रहा है, लोग पैसा लेकर वापिस नही दे रहे, कार्यों में सफलता नही मिल रही। नौकरी नही लग रही, परीक्षा में बार-बार फैल हो जाते है, इन्टरव्यू पास नही हो रहा, घर का वातावरण नकारात्मक बना रहता है तो ऐसी स्थिति में यह घंटाकर्ण गुटिका बहुत ही लाभकारी है, इस घंटाकर्ण गुटिका को धारण करते ही 27 दिन में ये सारी समस्याएं दूर होने लग जाती है।
घंटाकर्ण महावीर कौन है?
घंटाकर्ण महावीर श्वेताम्बर जैन धर्म के बावन वीरों में से एक हैं, जो मुख्य रूप से तप गच्छ, एक मठवासी वंश से जुड़े हैं। इनको जैन धर्म के तांत्रिक देवता माना जाता है। भारत में उन्नीसवीं सदी में जैन भिक्षु बुद्धिसागर सूरी के द्वारा स्थापित महुडी जैन मंदिर जो घंटाकर्ण महावीर को ही समर्पित माना जाता है।
घंटाकर्ण गुटिका कैसे सिद्ध होती है?
घंटाकर्ण गुटिका, बैशाख पूर्णिमा, सिद्धि योग, रवि योग, अमृत योग, महेंद्र्काल पर श्री घंटाकर्ण मंत्रो से पुशचरण कर, घंटाकर्ण गुटिका को प्राण-प्रतिष्ठित सिद्ध किया जाता है, जो कि एक जटिल विधान है, सामान्य रूप से आजकल के पंडितों के माध्यम से करना संभव नही है, इस क्रिया को गुरु से दीक्षित साधक ही संपन्न कर सकते है। सिद्ध होने पर यह घंटाकर्ण गुटिका पूर्ण प्रभावशाली बनती है।
सिद्ध घंटाकर्ण गुटिका को एस्ट्रो मंत्रा संस्थान से फ़ास्ट डिलीवरी के माध्यम से, प्राप्त कर सीधा ही उपयोग किया जा सकता है, इस गुटिका के माध्यम से घंटाकर्ण साधना, घंटाकर्ण प्रयोग, घंटाकर्ण तंत्र आदि प्रयोग में कर सकते है। यदि किसी साधना की पूरी जानकारी न हो, तो नीचे दी हुई विधि से आप इस गुटिका को उपयोग कर सकते है।
घंटाकर्ण गुटिका कैसे धारण करें?
नवरात्रि, होली, शिवरात्रि, ग्रहण या किसी भी मंगलवार को स्नान आदि करके सुबह के समय 7:30 बजे से 10 बजे के बीच, सफ़ेद ऊनि आसन पर पूर्व दिशा की तरफ मुख करके या फिर आपका मंदिर जिस दिशा की तरफ हो, उस दिशा की ओर मुह करके बैठ जाए, मंदिर में सफ़ेद वस्त्र पर, श्री घंटाकर्ण महावीर जी की मूर्ति या चित्र रखें, मूर्ति के सामने एक थाली में सिंदूर से “श्री महावीराय” लिखें, लिखे हुए मन्त्र के उपर, गुलाब के फुल के उपर घंटाकर्ण गुटिका को स्थापित करें।
गुटिका के सामने शुद्ध घी का दीपक जलाकर, सिंदूर से गुटिका का तिलक करें, लाल फूल, अक्षत, फल-फूल-मिठाई से श्री घंटाकर्ण महावीर जी का पूजन करें। पूजन के बाद महावीर घंटाकर्ण मन्त्र की 11 माला का जाप घंटाकर्ण माला सें करें। इसके बाद घंटाकर्ण गुटिका को रक्षा के लिए घर, दूकान या ऑफिस में स्थापित कर सकते है या गले में धारण कर सकते है, दूसरें दिन से घंटाकर्ण मन्त्र की 3 माला का जाप 21 दिनों तक करें।
महावीर घंटाकर्ण मंत्र:
॥ॐ श्रीं ह्रीं क्रीं क्रों ॐ घंटाकर्ण महावीर लक्ष्मी पूरय-पूरय सुख सौभाग्य कुरु-कुरु स्वाहा॥
om shreem hreem kreem krom om ghantakarna mahavir lakshmi puraya-puraya sukh saubhagya kuru-kuru svaha.
घंटाकर्ण गुटिका के लाभ:
- घंटाकर्ण गुटिका धारण करने से ग्रह बुरे पापी दोषों से रक्षा होती है।
- इस घंटाकर्ण गुटिका से विवाह में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं।
- रोगी को गुटिका पहनाने से गंभीर रोग भी धीरे-धीरे ठीक होने लगता है।
- घर में इस घंटाकर्ण गुटिका को लागने से घर से नकारात्मकता दूर होती है।
- घंटाकर्ण गुटिका को पहन कर घंटाकर्ण महावीर स्तोत्र का पाठ करने से शत्रुओं से मुक्ति मिलती है।
- जिसके पास यह गुटिका होती है, उसका श्री महावीर घंटाकर्ण जी के प्रति भक्ति भाव बढ़ता है।
- घंटाकर्ण गुटिका से भूत-प्रेत का डर खत्म होता है।
- तनाव और चिंता दूर करने के लिए घंटाकर्ण गुटिका बहुत ही लाभकारी है।
- इस घंटाकर्ण गुटिका से व्यापार और नौकरी में तरक्की मिलती है।
- विद्यार्थी घंटाकर्ण गुटिका धारण करें, तो पढ़ाई में मन लगता है।
- यह घंटाकर्ण गुटिका गुटिका कवच पुलिस केस, वाद विवाद, कोर्ट आदि से रक्षा करती है। दवाओं के लेने के बाद भी रोग ठीक न हो रहा हो, तो रोगी को महाकाली गुटिका धारण कर, 27 दिनों तक रोज 8 काली मीर्च रोगी के उपर से उतार कर, कपूर के साथ खुले स्थान पर जलाएं।
- शत्रु पर विजय के लिए यह घंटाकर्ण गुटिका रामबाण उपाय है।
घंटाकर्ण गुटिका की सावधानियाँ:
- इस घंटाकर्ण गुटिका को गंदे हाथों से न छुएं।
- स्त्रियाँ रजस्वला के समय इस घंटाकर्ण गुटिका को हाथ न लगायें।
- घंटाकर्ण गुटिका की पूजा-साधना के समय नशा व तामसिक भोजन के सेवन से दूर रहे।
- इस घंटाकर्ण गुटिका को लाल वस्त्र में, सिंदूर के साथ ढक कर रखें या स्थापित करें।
- समाज के हित के लिए ही इस प्रकार की उग्र शक्तियों का प्रयोग करें।
Ghantakarna Gutika Details:
Shape: Round
Size: 1.3 x 1.3 x 1 cm
Weight: 3 gm Approx.
Color: Light Brown
Energized: Ghantakarna Mantra
Shipping: Within 4-5 Days in India
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