What is Brahmastra Yantra?
Brahmastra Yantra (ब्रह्मास्त्र यंत्र) is a very high-grade, very extremely and rare yantra. This yantra is not normally seen. This yantra is a very powerful enemy-killing astra (Yantra) made by the power of Param Pita Brahmaji, which has been in use for many years. By worshipping this energized Brahmastra Yantra, Param Pita Brahmaji is pleased, which leads to complete destruction of enemies.
In today’s era, enemies try to dominate at every step. As soon as there is a little progress, enemies try to humiliate and harm you. If the enemies start causing terrible damage, when you feel that there is no way left, then you should use this Brahmastra Yantra to destroy all the enemies.
Besides, Brahmastra is a very extremely yantra. This yantra should be used according to social rules. In Mahanirvana Tantra, Lord Shiva has praised Brahmastra to Parvati and said that when there is a astra like Brahmastra, then a human can attain Dharma-Artha-Kama-Moksha in life without any fear by using the big Brahmastra Yantra.
How to Energized Brahmastra Yantra?
Brahmastra Yantra is energized on Kaalratri, Navratri, Siddha Ratri by doing Pushcharan with the Sarpya Brahmastra Mantra, which is a complicated process. Generally, it is not possible to do it through the today’s pandits, only high-class sadhaks perform this process. On being energized, this yantra becomes fully effective and shows its effect soon.
This yantra can be obtained from Astro Mantra Institution through fast delivery and can be used directly. This yantra can be used easily in Brahmastra Sadhna, Brahmastra Baglamukhi Prayog etc. Moreover, if you do not have complete knowledge of Prayog and Sadhana, then you can use Brahmastra Yantra by the method given below.
How to Install Brahmastra Yantra?
On Navratri, Holi, Shivratri, eclipse or any Saturday, after taking bath etc., sit on a red woolen seat between 9:30 pm to 11 pm facing east or the direction in which your temple is facing. Then install the idol of Lord Shiva and Maa Durga in front of you. Make a triangle in a plate in front of the idol, fill it with yellow mustard, install Brahmastra Yantra on it.
Light a lamp of pure ghee in front of the yantra, apply tilak on the yantra 3 times with the sindoor of three worlds, Swaroop. Then apply tilak on your forehead with the sindoor on the Yantra, worship with red flowers, fruits, flowers and sweets. After this, chant the following mantra 11 Mala with Rudraksha Rosary or do it according to your sadhana.
Brahmastra Yantra Mantra:
Om namo bramay namah smaran matren prakataya-prakataya, shigram aagach-aagach, mam sarvashatru nashaya-nashaya, shatru sainyam nashaya-nashaya, ghataya-ghataya, maraya-maraya hum phat.
Benefits of Brahmastra Yantra:
- Brahmastra Yantra is a very powerful enemy-destroying astra (Yantra).
- Enemies cannot dominate in the presence of this yantra.
- By worshipping Brahmastra Yantra, enemies are completely destroyed.
- There is no bigger Brahmastra Yantra in the whole world to defeat enemies.
- This yantra is a panacea for Destroying enemies and All tantra obstacles.
- This Brahmastra Yantra is the best for Success in court cases and for Victory over enemies.
- This yantra provides infallible protection from all yantra-tantra obstacles, no tantra of any kind can be used on such a sadhak.
Precautions of Brahmastra Yantra:
- Do not touch Brahmastra Yantra with dirty hands.
- Women should not touch this Brahmastra Yantra during menstruation.
- Stay away from intoxicants and non-vegetarian food during the worship of this Yantra.
- Keep or install this Brahmastra Yantra covered with yellow mustard and yellow cloth.
- Always keep the benefits of Brahmastra Yantra secret.
ब्रह्मास्त्र यंत्र क्या है?
ब्रह्मास्त्र यंत्र अत्यंत ही उच्चकोटि का अत्यन्त ही घातक दुर्लभ यंत्र है, सामान्य रूप से यह यंत्र देखने को नही मिलता। यह यंत्र परमपिता ब्रह्माजी की शक्ति से निर्मित एक अत्यन्त शक्तिशाली शत्रु संहारक अस्त्र (यंत्र) है, जिसका प्रयोग कई वर्षों से होता आ रहा है৷ इस सिद्ध किये हुए ब्रह्मास्त्र यंत्र की पूजा साधना करने से, परमपिता ब्रह्माजी प्रसन्न होते है, जिससें शत्रुओं का सम्पूर्ण विनाश होता है।
आज के युग में पग-पग पर शत्रु हावी होने की चेष्टा करते रहते हैं, थोड़ी से उन्नति होते ही चारों तरफ़ शत्रु नीचा दिखाने का प्रयत्न करते हैं और नुकसान पहुचाने का प्रयत्न करते है। यदि शत्रु भयानक नुकसान देने लगे, जब लगे की अब कोई रास्ता नही बचा तो, इस ब्रह्मास्त्र यंत्र का प्रयोग कर समस्त शत्रुओं को संहार करना चाहिए।
ब्रह्मास्त्र अत्यन्त घातक यंत्र है, सामाजिक नियमों के अनुसार ही इस यंत्र का प्रयोग करना चाहिए। महानिर्वाण तंत्र में भगवान शिव ने पार्वती से ब्रह्मास्त्र की प्रशंसा करते हुए कहा है, कि जब ब्रह्मास्त्र जैसा अस्त्र है, तो मानव को भय रहित होकर जीवन में बड़ी ब्रह्मास्त्र यंत्र धर्म-अर्थ-काम-मोक्ष की प्राप्ति कर सकता है।
ब्रह्मास्त्र यंत्र कैसे सिद्ध होता है?
ब्रह्मास्त्र यंत्र, कालरात्रि, नवरात्रि, सिद्ध रात्रि में सर्पया ब्रह्मास्त्र मन्त्र से पुशचरण कर, प्राण-प्रतिष्ठित सिद्ध किया जाता है, जिसमे जो कि एक जटिल विधान है। सामान्य रूप से आजकल के पंडितों के माध्यम से करना संभव नही है, इस क्रिया को उच्चकोटि के साधक ही संपन्न करते है। सिद्ध होने पर यह यंत्र पूर्ण प्रभावशाली बनता है और शीघ्र ही अपना प्रभाव दिखाता है।
इस यंत्र को एस्ट्रो मंत्रा संस्थान से फ़ास्ट डिलीवरी के माध्यम से, प्राप्त कर सीधा ही उपयोग किया जा सकता है। इस यन्त्र के माध्यम से ब्रह्मास्त्र साधना, ब्रह्मास्त्र बगलामुखी प्रयोग आदि में प्रयोग आसानी से किया जा सकता है। यदि प्रयोग और साधना की पूरी जानकारी न हो, तो नीचे दी हुई विधि से आप ब्रह्मास्त्र यंत्र का प्रयोग करें।
ब्रह्मास्त्र यंत्र को कैसे स्थापित करें?
नवरात्रि, होली, शिवरात्रि, ग्रहण या किसी भी शनिवार को स्नान आदि करके रात्रि के समय 9:30 बजे से 11 बजे के बीच, लाल ऊनि आसन पर पूर्व दिशा की तरफ मुख करके या फिर आपका मंदिर जिस दिशा की तरफ हो, उस दिशा की ओर मुह करके बैठ जाए। फिर अपने सामने भगवान शिव और माँ दुर्गा की मूर्ति स्थापित करें। मूर्ति के सामने एक थाली में त्रिकोण बनाकर, उसमें पीली सरसों भर दे, उस पर ब्रह्मास्त्र यंत्र को स्थापित करें।
यंत्र के सामने शुद्ध घी का दीपक जलाकर, यन्त्र पर तीन लोक, स्वरूप सिंदूर से यंत्र पर 3 बार टीका लगायें। फिर यंत्र पर लगे सिंदूर से अपने मस्तक पर तिलक करें, लाल पुष्प, फल-फूल-मिठाई से पूजन करें। इसके बाद निम्नलिखित मन्त्र का 11 माला का जाप रुद्राक्ष माला से करें या अपनी साधना के अनुसार करे।
ब्रह्मास्त्र यंत्र का मन्त्र:
॥ॐ नमो ब्रह्माय नमः स्मरण मात्रेण प्रकटय-प्रकटय, शीघ्रं आगच्छ-आगच्छ, मम सर्वशत्रु
नाशय-नाशय, शत्रु सैन्यं नाशय-नाशय, घातय-घातय, मारय-मारय हुं फट्॥
om namo bramay namah smaran matren prakataya-prakataya, shigram aagach-aagach, mam sarvashatru nashaya-nashaya, shatru sainyam nashaya-nashaya, ghataya-ghataya, maraya-maraya hum phat.
ब्रह्मास्त्र यंत्र के लाभ:
- ब्रह्मास्त्र यंत्र अत्यन्त शक्तिशाली शत्रु संहारक अस्त्र (यंत्र) है।
- इस यंत्र के होते हुए, शत्रुओं हावी नही हो सकते है।
- ब्रह्मास्त्र यंत्र की पूजा साधना करने से शत्रुओं का सम्पूर्ण विनाश होता है।
- शत्रुओं को पराजित करने के लिए इससे बड़ा कोई ब्रह्मास्त्र यंत्र पुरे विश्व में नही है।
- शत्रु नष्ट, समस्त तंत्र बाधा नष्ट करने के लिए यह यंत्र रामबाण है।
- मुक़दमों में सफलता पाने के लिए और शत्रु विजय के लिए यह ब्रह्मास्त्र यंत्र सर्वश्रेष्ठ है।
- यह यंत्र सभी यंत्र-तंत्र बाधा से अमोघ सुरक्षा प्रदान करता है, ऐसे साधक पर किसी तरह का कोई तंत्र प्रयोग नही हो सकता।
ब्रह्मास्त्र यंत्र की सावधानियाँ:
- ब्रह्मास्त्र यंत्र को गंदे हाथों से न छुएं।
- रजस्वला समय से स्त्रियाँ इस ब्रह्मास्त्र यंत्र को हाथ न लगायें।
- इस यंत्र की पूजा-साधना के समय नशा व तामसिक भोजन के सेवन से दूर रहे।
- इस ब्रह्मास्त्र यंत्र को पीली सरसों के साथ और पीले वस्त्र में ढक कर रखें या स्थापित करें।
- ब्रह्मास्त्र यंत्र से मिलने वाले लाभ को सदा गुप्त रखें।
Brahmastra Yantra Details:
Weight: 0.018 gm Approx.
Size: “4” x “4” Inch
Metal: Copper Yantra
Yantra Types: Puja Yantra
Energized: Brahma Beej Mantra
Shipping: Within 4-5 Days in India
Reviews
Clear filtersThere are no reviews yet.